Marathi Kavita | Prem Kavita | Virah Kavita | Aayushya Kavita | Charoli | Shayari
मराठी कविता | प्रेम कविता | विरह कविता | आयुष्य कविता | चारोळी | शायरी

माझ्या ब्लॉगवर तुमचे मनापासून स्वागत आहे.
मी लिहिलेल्या कवितांचा पुरेपूर आस्वाद घ्या आणि हो, आपल्या प्रतिक्रिया / comments नक्की द्या.

Sunday, May 31, 2020

बातें तो हजार है जहन में मेरे...

बातें तो हजार है जहन में मेरे,
मगर मैं खामोश ही अच्छा हूँ...

नफ़रत की आग लगाने वालों को,
प्यार की नसीहत दे दूँ,
तो जान की कीमत लग जाती है...

मजहब के नाम पे कोई रोटी सेके ,
उसे धर्म-अधर्म का पाठ पढ़ाऊँ,
तो घर जलाने का हुक्म आता है...

नुक्कड़ पे कोई लड़की छेड़े,
उसे सन्मान की बातें समझाऊँ,
तो राखी के लिए हाथ खो दूँ...

बातें तो हजार है जहन में मेरे,
मगर मै हर बार ख़ामोश किया जाता हूँ,
मै ज़िद्दी फिर बोल खड़ा होता हूँ...

जानता हूँ मेरी बातें आपकी जुबाँ पर भी है,
इस जुबाँ को मजबूत करने आया हूँ,
नया इतिहास लिखने आया हूँ...

किसी दिन अलविदा कहे अगर,
तो आपकी जुबाँ में कायम रहना चाहता हूँ,
इस घुटन से अब आज़ाद होना चाहता हूँ...

बातें तो हजार है जहन में मेरे,
मगर क्या मैं ख़ामोश ही अच्छा हूँ...??


No comments:

Post a Comment